मुझे लगता था कि राघव मुझे सबसे ज्यादा चाहता है, कि उसकी दुनिया में मैं उसकी ज़िंदगी की सबसे अहम चीज़ हूँ, कि उसके हर मुस्कान और हर छुपी हुई झलक में सिर्फ मेरा ही नाम लिखा है।
लेकिन सच यह था कि वो मुझे पास इसलिए रख रहा था ताकि मैं कभी भी असली सच तक न पहुँच पाऊँ, और उसकी हर छुपी हुई परत हमेशा मेरे लिए एक रहस्य बनी रहे।
मेरा नाम अनन्या है, और अगर आज मैं ज़िंदा हूँ तो इसका सिर्फ एक ही कारण है—मैंने प्यार पर भरोसा ज़्यादा देर तक किया, और उसे कभी भी बिना कारण नहीं तोड़ा।
मैं और राघव—हम पाँच साल से साथ थे। उन पाँच सालों में हमने कई सुख-दुख, कई छोटी-छोटी खुशियाँ और कई ऐसे पल साझा किए, जिन्हें मैं आज भी याद करती हूँ, जिनकी हर खुशबू मेरे रूह में बस गई है।
लोग हमें परफेक्ट कपल कहते थे, और हाँ, शायद हम सच में थे। वो शांत, समझदार, और हर किसी की नजरों में हमेशा कुछ अलग था। जब वह मुस्कुराता था, तो ऐसा लगता कि दुनिया के सारे डर और ग़म सिर्फ उसकी मुस्कान के सामने फीके पड़ जाते हैं। उसकी आँखों में एक नर्म चमक थी, और उसकी हर मुस्कान में एक वादा—“मैं हमेशा तुम्हारे पास रहूँगा।”
हमारी मुलाक़ात कॉलेज के लाइब्रेरी में हुई थी। मैं एक किताब ढूँढ रही थी और राघव उसी किताब को उठा रहा था। हमारी आँखें मिलीं, और उस पहली नज़र में मुझे कुछ अलग सा लगा—जैसे कोई अनकहा खजाना अचानक सामने आ गया हो। धीरे-धीरे हमारी बातें बढ़ीं, मुलाक़ातें बढ़ीं, और प्यार एक नर्म धागे की तरह हमारे बीच बंध गया, जिसे हर दिन मजबूती मिलती गई।
लेकिन प्यार में, हमेशा एक छिपा सच होता है।
राघव अपनी पुरानी ज़िंदगी के बारे में कभी बात नहीं करता था। मैंने पूछा भी नहीं, क्योंकि प्यार में हम अक्सर वो सवाल नहीं पूछते जो जवाब में टूटने का डर रखते हों। लेकिन अब मुझे एहसास हुआ कि हर रहस्य का एक मूल्य होता है, और जब वह सच सामने आता है, तो पूरी ज़िंदगी बदल जाती है।
शादी की डेट फिक्स हो चुकी थी। सिर्फ तीन महीने बाकी थे। लेकिन तभी एक रात, मेरी ज़िंदगी में ऐसा मोड़ आया, जो मेरी पूरी समझ और विश्वास को हिला कर रख दिया।
Unknown number से कॉल आई।
आवाज़ एक औरत की थी। थकी हुई, कांपी हुई, और कहीं गहरे दर्द में डूबी।
“तुम अनन्या हो ना?”
“राघव की… मंगेतर?”
मेरा गला सूख गया। “हाँ।” मैंने धीरे-धीरे जवाब दिया।
फोन की दूसरी तरफ कुछ पल की खामोशी रही। फिर उसने कहा—
वो तुमसे प्यार नहीं करता।
वो सिर्फ डर रहा है।
Call कट गई।
उस रात राघव घर लौटा। मैं बस उसे देखती रही, बिना किसी सवाल के। उसके हर छोटे-छोटे इशारे में मैं अब कुछ और देखने लगी थी—कुछ छुपा हुआ, कुछ डर और कुछ अपराध।
अगले दिन, मैंने वह नंबर ट्राई किया। फोन स्विच ऑफ। लेकिन बीज पहले ही बो दिए जा चुके थे।
राघव के अजीब व्यवहार
अगले हफ्तों में मैंने राघव के व्यवहार पर बारीकी से ध्यान देना शुरू किया।
वह कभी अपनी माँ से मिलने नहीं जाता
कुछ रातों को बिना बताए गायब हो जाता
और उसके पास हमेशा एक पुरानी डायरी रहती थी, जिसे वह कभी भी नहीं खोलने देता
शुरुआत में मैंने सोचा कि शायद यह सब केवल उसकी प्राइवेसी है। लेकिन धीरे-धीरे चीज़ें अजीब लगने लगीं। हर मुस्कान के पीछे छुपा डर, हर छुपी हुई झलक में कोई अजीब सा तनाव।
एक शाम, जब वह ऑफिस गया, मैंने हिम्मत करके उसकी डायरी खोली।
डायरी के पन्ने कांपते हाथों से पलटे।
“आज भी वह आवाज़ सुनी।
अगर अनन्या को पता चल गया,
तो मैं सब कुछ खो दूँगा।”
मुझे लगा शायद कोई पुराना ट्रॉमा है।
लेकिन आखिरी पन्ने पर लिखा था—
“सच एक दिन सामने आएगा।
और तब मैं उसे फिर से छोड़ दूँगा।”
मीरा का रहस्य
मैंने उस औरत को ढूँढने का फैसला किया।
Phone records और थोड़ी investigation के बाद मुझे उसका पता मिल गया। उसका नाम मीरा था।
जब मैंने उसे देखा, वह मुझे देखकर रो पड़ी।
“तुम्हें नहीं आना चाहिए था,”
उसने कहा।
मैंने पूछा, “राघव का सच क्या है?”
मीरा ने धीरे से कहा—
“राघव मेरा husband था।”
मेरे पैरों के नीचे से ज़मीन निकल गई।
“था?” मैंने धीरे पूछा।
मीरा ने मेरी आँखों में देखा।
“मैं अभी भी हूँ।
बस दुनिया के लिए नहीं।”
राघव का अतीत
मीरा ने बताया—
5 साल पहले राघव और मीरा की शादी हुई थी।
राघव possessive था, control freak।
एक रात बहस हुई, और मीरा सीढ़ियों से गिर गई।
Official report: Accident
लेकिन मीरा ज़िंदा थी। बस wheelchair पर।
और राघव… उस रात से नया आदमी बन गया।
नाम बदला। शहर बदला। ज़िंदगी बदल गई।
और मैं? मैं सिर्फ एक cover थी, एक नई शुरुआत का झूठा सबूत।
प्रेम और मानसिक द्वंद्व
प्यार की शुरुआत से अब तक मैं राघव को जानती थी, लेकिन अब मैं देख रही थी कि उसके अंदर की हर मुस्कान, हर प्यार का इज़हार, एक छुपा डर और अपराध-बोध लेकर आया था।
हमारे बीच के छोटे-छोटे पल—coffee के लिए हाथ थामना, बारिश में भीगते हुए साथ चलना, library में किताबें बाँटना—अब मेरे लिए bittersweet लग रहे थे। हर प्यार भरा पल अब डर और सस्पेंस से जकड़ा हुआ था।
मैंने राघव से सामना किया।
वह रोया, घुटनों पर बैठ गया।
“मैं तुमसे प्यार करता हूँ,”
उसने कहा।
मैंने पूछा,
“फिर शादी क्यों कर रहे हो?”
वह चुप रहा।
उस रात मुझे समझ आया—
वह शादी नहीं करना चाहता था। वह अपनी पुरानी ज़िंदगी को ज़िंदा दफ़न करना चाहता था।
घातक दिन
शादी से एक दिन पहले मीरा hospital से गायब हो गई।
Police case बना।
राघव घबराया।
और फिर—एक लाश मिली। जली हुई। पहचान मुश्किल।
राघव ने मुझे गले लगाया।
“अब सब खत्म हो गया,”
उसने कहा।
मैं भी रोई, लेकिन डर से नहीं।
Court में मैंने सच बोला।
राघव को arrest किया गया।
Judge ने पूछा—
“तुमने सच इतनी देर से क्यों बोला?”
मैंने कहा—
“क्योंकि प्यार अंधा नहीं होता, प्यार जानबूझकर आँखें बंद करता है।”
आज मैं अकेली हूँ, लेकिन ज़िंदा हूँ।
जब भी कोई मुझसे कहता है—
“Relationship में trust सबसे ज़रूरी होता है”—
मैं बस मुस्कुरा देती हूँ।
कभी-कभी प्यार सिर्फ विश्वास का नाम नहीं होता।
कुछ रिश्तों में सच छुपा होता है, और वही सबसे बड़ा खतरा बन जाता है।
आपके हिसाब से असल सच कौन जानता था?
राघव जिसने सबको धोखा दिया
मीरा जिसने खुद को दबा लिया
या मैं, जो झूठ की परतों के बीच रही?
कभी-कभी सच्चाई की कीमत ज़िंदगी से भी बड़ी होती है।
आरिका SuspenseLok की आधिकारिक कहानीकार पहचान है, जो चुनिंदा मौलिक कहानियों को एक भावनात्मक और काव्यात्मक शैली में पाठकों तक प्रस्तुत करती हैं। उनकी लेखनी में रहस्य, कल्पना और संवेदनाओं का सुंदर संगम देखने को मिलता है।