जिस दिन वो लौट आई

आरव और मीरा की कहानी किसी फ़िल्म जैसी नहीं थी। वो लाइब्रेरी के कोने में शुरू हुई थी—खामोश, सच्ची और बिना वादों के। मीरा कम बोलती थी, लेकिन उसकी आँखों में एक ऐसा सच था, जो आरव को हर बार खींच लाता। दोनों जानते थे, ये प्यार आसान नहीं होगा… फिर भी उन्होंने उसे चुना। … Read more

प्यार से पहले सज़ा

छाया की बदकिस्मती ने बचपन में ही दस्तक दे दी थी जब वो सिर्फ आठ साल की थी, उसकी माँ हमेशा के लिए चली गई। पिता ज़िंदा थे, फिर भी छाया को अपने पास नहीं रखा। उसे चाचा-चाची के घर छोड़ दिया — यह कहकर कि यहीं अच्छा रहेगा। पर वो घर, घर नहीं लगता। … Read more