प्यार ने जो किया, मौत भी नहीं कर पाई

कहते हैं कुछ मुलाक़ातें इत्तेफ़ाक़ नहीं होतीं — वो पहले से तय होती हैं। मुझे इस बात पर कभी यक़ीन नहीं था… जब तक अनाया मेरी ज़िंदगी में नहीं आई थी । बारिश की वो शाम थी। पुरानी लाइब्रेरी, गीली ज़मीन की मिट्टी की ख़ुशबू, और खिड़की से टकराती बूंदें। मैं —आरव, अपनी अधूरी ज़िंदगी … Read more

प्लेटफ़ॉर्म नंबर 4 पर कोई इंतज़ार करता है

रेलवे स्टेशन सुबह-सुबह किसी ज़िंदा शहर जैसा होता है— घड़ियों की टिक-टिक, चाय की केतली, ट्रेन की सीटी, और भागते हुए क़दम। लेकिन इस स्टेशन पर एक प्लेटफ़ॉर्म ऐसा भी था जिसका नाम लोग लेते तो थे, पर उस पर रुकते बहुत कम थे। प्लेटफ़ॉर्म नंबर 4। वहाँ भी पटरियाँ थीं, वहाँ भी ट्रेनें रुकती … Read more

कब्र के नीचे से कोई बुलाता है

कुछ जगहें मरी हुई नहीं होतीं… बस इंतज़ार करती हैं — किसी के लौट आने का। वह कॉल जो नहीं आनी चाहिए थी रात के 2:17 बजे मेरा फोन बजा। इतनी रात फोन… वो भी Unknown Number से — और वो भी तब, जब मैं जानता था कि जिसे मैं सुनने वाला हूँ, वो ज़िंदा … Read more