हर इंकार की कीमत मौत!

वो मेरी ज़िंदगी में अचानक नहीं बल्कि धीरे-धीरे घुसी थी। कभी चाय पर, कभी माँ की दवाइयों के बहाने। माँ को वो बहुत पसंद थी, माँ हमेशा कहती थीं, लड़की शांत है… घर संभाल लेगी लेकिन मुझे उसका शांत होना कभी-कभी डराने लगता,  ज़्यादा सवाल नहीं, ज़्यादा भावनाएँ नहीं। बस सब कुछ ध्यान से देखती … Read more