शादी उसने मुझसे की… प्यार किसी और से

कबीर एक बहुत ही सुल्झा और सरल लड़का था, कबीर ने हमेशा से सोचा हुआ था कि उसकी शादी सादगी से होगी, शोर-शराबे से कोसो दूर। जब अनन्या उसके जीवन में आई, सब कुछ सामान्य लगा। परिवार खुश था, रिश्तेदार संतुष्ट थे, और अनन्या शांत, संयमित और बेहद खूबसूरत लग रही थी। ठीक वैसी ही … Read more

जिस दिन उसने ‘I Love You’ कहा, उसी दिन मैं ग़ायब हो गया

उस दिन सब कुछ बिल्कुल सामान्य था, इतना सामान्य कि मुझे याद भी नहीं रहता अगर वही दिन मेरी ज़िंदगी का आख़िरी साधारण दिन न बन गया होता। शहर अपनी रोज़मर्रा की आवाज़ों में डूबा हुआ था, लोग अपने-अपने कामों में उलझे थे, और मैं भी उन्हीं में से एक था—ज़िंदा, मौजूद, पहचान वाला। लेकिन … Read more

प्यार ने जो किया, मौत भी नहीं कर पाई

कहते हैं कुछ मुलाक़ातें इत्तेफ़ाक़ नहीं होतीं — वो पहले से तय होती हैं। मुझे इस बात पर कभी यक़ीन नहीं था… जब तक अनाया मेरी ज़िंदगी में नहीं आई थी । बारिश की वो शाम थी। पुरानी लाइब्रेरी, गीली ज़मीन की मिट्टी की ख़ुशबू, और खिड़की से टकराती बूंदें। मैं —आरव, अपनी अधूरी ज़िंदगी … Read more