भागी हुई बहूं
रात के सन्नाटे को चीरती हुई वह दुल्हन खाली सड़क पर भागी जा रही थी। लाल लहंगे का घेरा उसके…
रात के सन्नाटे को चीरती हुई वह दुल्हन खाली सड़क पर भागी जा रही थी। लाल लहंगे का घेरा उसके…
रात के दो बजे थे। पूरा शहर गहरी नींद में डूबा हुआ था, लेकिन आरोही की आँखें फिर से अचानक…