प्यार ने जो किया, मौत भी नहीं कर पाई
कहते हैं कुछ मुलाक़ातें इत्तेफ़ाक़ नहीं होतीं — वो पहले से तय होती हैं। मुझे इस बात पर कभी यक़ीन नहीं था… जब तक अनाया मेरी ज़िंदगी में नहीं आई थी । बारिश की वो शाम थी। पुरानी लाइब्रेरी, गीली ज़मीन की मिट्टी की ख़ुशबू, और खिड़की से टकराती बूंदें। मैं —आरव, अपनी अधूरी ज़िंदगी … Read more