सातवाँ दिन
नायरा की शादी किसी सपने से कम नहीं थी। लाल जोड़े में सजी हुई वह जब मंडप में पहुँची, तो…
नायरा की शादी किसी सपने से कम नहीं थी। लाल जोड़े में सजी हुई वह जब मंडप में पहुँची, तो…
बारिश की बूंदें हवेली की पुरानी खिड़कियों से टकरा रही थीं। आरव ने दरवाज़ा खोला। लकड़ी की चरमराहट पूरे गलियारे…