वो जो मेरी मोहब्बत थी… और मेरी क़ातिल भी

उसकी हँसी में कुछ ऐसा था जो सीधे दिल पर वार करता था। ना ज़्यादा तेज़, ना ज़्यादा मीठी—बस इतनी कि सुनते ही लगे, यही है। मैं उसे पहली बार बारिश की एक शाम में मिला था। वो सड़क किनारे खड़ी, भीगी हुई, उसके काले बाल चेहरे से चिपके हुए… और आँखों में अजीब सी … Read more