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रात के लगभग 1:15 बजे थे। पूरा शहर सो चुका था, लेकिन आर्यन की आँखों में नींद नहीं थी। हेडफ़ोन लगाए वह अपने कमरे की हल्की नीली रोशनी में मोबाइल पर गेम खेल रहा था। आर्यन INTROVERT था, न उसके कोई दोस्त न किसी से ज्यादा बात करता था। लेकिन, उसका एक दोस्त था जो उसे कभी जज़ नहीं करता था और हमेशा उसे खुश रखता था और वो था उसका फ़ोन जिसमे वो अक्सर गेम खेलता था। गेमिंग उसके लिए सिर्फ टाइमपास नहीं था — वह उसकी पूरी दुनिया था, जहाँ कोई उसे सुनाता या डाटता नहीं था।

उसी रात एक नया यूज़रनेम उसके स्क्रीन पर उभरा — ShadowGirl_17
उसने टीम अप करने का रिक्वेस्ट भेजा।

पहले मैच में ही आर्यन चौंक गया। लड़की की प्लेइंग स्टाइल अजीब तरह से उसकी तरह थी — वही मूवमेंट, वही स्ट्रेटेजी। जैसे वह उसके दिमाग को पढ़ रही हो।

गेम खत्म हुआ तो चैट में मैसेज आया — तुम आज भी हारने से डरते हो, आर्यन।

आर्यन ठिठक गया। उसने कभी किसी को नहीं बताया था कि उसे हार से कितना डर लगता है।
उसने जवाब दिया — तुम मुझे जानती हो?

कुछ सेकंड बाद रिप्लाई आया —तुम खुद को जितना जानते हो, उससे ज्यादा।

आर्यन को कुछ समझ नही आया,  उसके हाथ ठंडे पड़ गए। उसने दिलचस्पी से प्रोफाइल चैक की — तो कोई फोटो नहीं, कोई डिटेल नहीं। सिर्फ एक स्टेटस लिखा था —
मैं सामने ही हूँ।

उसने हँसकर इसे मज़ाक समझा। लेकिन तभी उसके कमरे की खिड़की के बाहर हल्की सी हलचल हुई। सामने वाली बिल्डिंग के एक फ्लैट की लाइट अचानक जल उठी।

उसी समय नया मैसेज आया — ब्लू टी-शर्ट तुम पर अच्छी लगती है।

आर्यन का दिल जोर से धड़कने लगा। उसने नीचे देखा — उसने सच में नीली टी-शर्ट पहनी थी, उसे कुछ भी समझ नहीं आ रहा था उसने चारो तरफ धूमकर देखा, वहॉ कोई नहीं था।

अब आर्यन के लिए गेम सिर्फ गेम नहीं रह गया था।

किसी ने उसे देख लिया था।
या शायद… कोई हमेशा से उसे देख ही रहा था।

अगली सुबह आर्यन की आँखें सूजी हुई थीं। रात की घटना उसके दिमाग में घूम रही थी। उसने खुद को समझाया — शायद कोई पड़ोसी मज़ाक कर रहा होगा। लेकिन ShadowGirl_17 सुबह भी ऑनलाइन थी।

और उसका मैसेज आया — आज कॉलेज मत जाना।

आर्यन चिढ़ गया। तुम हो कौन? उसने टाइप किया।

कुछ देर तक कोई जवाब नहीं आया। फिर एक फोटो आई।
उसके कमरे की। पीछे से ली गई।

आर्यन की साँस रुक गई। फोटो में वह खुद खिड़की के पास खड़ा था — वही नीली टी-शर्ट।

वह भागकर बालकनी में गया। सामने वाले फ्लैट की खिड़की पर हल्का पर्दा हिल रहा था।
वह फ्लैट… दो साल से बंद था।

उसे याद आया — दो साल पहले वहाँ एक लड़की रहती थी। नाम शायद… सिया। अचानक उसकी मौत की खबर आई थी। कहा गया था कि उसने सुसाइड किया।

मोबाइल फिर वाइब्रेट हुआ।

तुमने मुझे उस दिन देखा था… याद है?

आर्यन के हाथ काँप गए। दो साल पहले की एक रात उसकी यादों में कौंधी। वह बालकनी में खड़ा था जब उसने सामने वाली लड़की को रोते हुए देखा था। वह कुछ कहना चाहता था… लेकिन उसने दरवाज़ा बंद कर लिया था।

अगला मैसेज आया — अगर तुम उस दिन बोल देते… तो शायद मैं ज़िंदा होती।

आर्यन का दिल जैसे रुक गया।

तुम… तुम सिया हो क्या? उसने काँपते हुए हाथो से टाइप किया।

कुछ सेकंड बाद सिर्फ एक लाइन आई —
मैं सामने ही हूँ।

उसी पल सामने वाले फ्लैट की लाइट अपने आप जल उठी।

और खिड़की के पीछे…
कोई खड़ा था।

सामने वाले फ्लैट की जली हुई लाइट ने आर्यन की रूह जमा दी। दो साल से बंद वह घर अचानक ज़िंदा कैसे हो सकता था? उसकी उंगलियाँ काँप रही थीं, लेकिन उसने फैसला कर लिया — आज वो सच जानकर रहेगा।

रात के 11 बजे, जब बिल्डिंग शांत हो चुकी थी, वह धीरे-धीरे सीढ़ियाँ चढ़कर सामने वाले फ्लैट के दरवाज़े तक पहुँचा। दरवाज़े पर अब भी पुराना नेमप्लेट लगा था — S. Mehra

उसने हल्के से दरवाज़े पर धक्का दिया।
दरवाज़ा खुल गया।

अंदर अंधेरा था, लेकिन हवा में वही हल्की सी खुशबू थी… जो उसे याद थी। जैसे समय यहीं रुक गया हो। फर्नीचर पर धूल जमी थी, दीवार पर घड़ी बंद थी — 3:17 पर।

मोबाइल वाइब्रेट हुआ।

तुम आ गए।

उसने चारों तरफ देखा और पूछा। तुम कहाँ हो?

अचानक कमरे के कोने में रखा पुराना कंप्यूटर अपने आप ऑन हो गया। स्क्रीन पर वही यूज़रनेम चमक रहा था — ShadowGirl_17

तुमने मुझे देखा था उस रात… लेकिन तुमने कुछ नहीं किया।

आर्यन की साँसें तेज हो गईं। उसकी यादें लौट आईं — सिया बालकनी में खड़ी थी, आँखों में आँसू… और उसने पर्दा खींच लिया था।

मैं डर गया था… वह बुदबुदाया।

स्क्रीन पर एक नई लाइन उभरी —
डर कभी-कभी किसी की जान ले लेता है।

अचानक बाथरूम का दरवाज़ा चरमराया।
भीतर से हल्की रोशनी आई।

आर्यन के कदम जैसे ज़मीन से चिपक गए।

क्या तुम इस बार दरवाज़ा खोलोगे?

आवाज़ फुसफुसाहट में गूँजी।
कमरे का तापमान गिरने लगा।

और आर्यन समझ गया —
यह खेल अब खत्म होने वाला नहीं था।

आर्यन धीरे-धीरे बाथरूम के दरवाज़े की तरफ बढ़ा। हर कदम के साथ दिल की धड़कन और तेज होती जा रही थी उसके अंदर ड़र बहुत था लेकिन एक अलग सी हिम्मत उसके अंदर अपने आप आ रही थी। उसने हैंडल पकड़ा… और आँखें बंद करके दरवाज़ा खोल दिया।

अंदर कोई नहीं था।

सिर्फ आईने पर उभरी धुंध में उंगलियों से लिखा एक शब्द था —
क्यों?

आर्यन की आँखें भर आईं। मैंने जानबूझकर नहीं किया… वह फुसफुसाया।

मोबाइल फिर वाइब्रेट हुआ।
आज भी तुम चुप हो।

अचानक उसे समझ आया — यह बदला नहीं था। यह अधूरी बात थी। सिया मरने से पहले मदद चाहती थी… और उसने उसकी चुप्पी चुनी थी।

आर्यन वापस अपने फ्लैट में भागा। उसने गेमिंग ऐप खोला। ShadowGirl_17 ऑनलाइन थी।

अगर मैं उस रात बोल देता… तो क्या तुम रुक जाती? उसने टाइप किया।

कुछ सेकंड बाद जवाब आया — शायद।

स्क्रीन पर नया मैसेज उभरा —
हर किसी को दूसरा मौका नहीं मिलता।

अचानक सामने वाले फ्लैट की लाइट झिलमिलाई… और बुझ गई।

उसी पल आर्यन के मोबाइल पर आखिरी नोटिफिकेशन आया —
ShadowGirl_17 has logged out.

हमेशा के लिए।

अगली सुबह पुलिस बिल्डिंग में थी।
सामने वाले फ्लैट का दरवाज़ा खुला मिला था। अंदर सब कुछ वैसा ही था जैसा दो साल पहले छोड़ा गया था — सिवाय एक चीज़ के।

पुराने कंप्यूटर की स्क्रीन ऑन थी।
और लॉगिन हिस्ट्री में आखिरी एक्टिव यूज़र लिखा था —

Aryan_21

आर्यन के हाथ से मोबाइल गिर गया।

क्या वह उससे बात कर रहा था…
या अपने ही अपराधबोध से?

और सबसे डरावनी बात — आज रात 3:17 पर कौन ऑनलाइन होगा?

उस रात आर्यन ने तय किया कि वह 3:17 बजे तक जागेगा। वही समय… जब सामने वाले फ्लैट की घड़ी दो साल पहले रुक गई थी।

कमरे की सारी लाइट बंद थीं। सिर्फ मोबाइल की हल्की रोशनी उसके चेहरे पर पड़ रही थी। 3:16… 3:17।

ठीक उसी पल उसका गेमिंग ऐप अपने आप खुल गया।
स्क्रीन पर नया यूज़रनेम उभरा —
Mirror_17

आर्यन का दिल धक से रह गया। प्रोफाइल पिक्चर में उसकी ही परछाईं थी।

मैसेज आया —
तुम सच जानना चाहते हो?

उसने काँपते हुए हाथों से फटाफट लिखा — हाँ।

स्क्रीन पर अचानक एक पुराना वीडियो चलने लगा।
वह दो साल पहले की रिकॉर्डिंग थी। बिल्डिंग के CCTV फुटेज की।

वीडियो में सिया बालकनी में खड़ी रो रही थी। कुछ सेकंड बाद… आर्यन अपनी बालकनी में आया। उसने सिया की तरफ देखा। उनके बीच कुछ पल के लिए आँखें मिलीं।

सिया ने हल्का सा हाथ बढ़ाया… जैसे मदद माँग रही हो।

लेकिन वीडियो में साफ दिखा —
आर्यन ने सिर झुका लिया… और अंदर चला गया।

आर्यन की साँस अटक गई।
उसे याद था कि उसने सिर्फ डर की वजह से दरवाज़ा बंद किया था। लेकिन वीडियो में उसके चेहरे पर डर नहीं था…

वह बेपरवाह लग रहा था।

तुमने मुझे अनदेखा किया, नया मैसेज आया।
और वही मेरी आख़िरी उम्मीद थी।

अचानक स्क्रीन पर एक और लाइन उभरी — लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई थी।

वीडियो आगे बढ़ा।
सिया बालकनी से हटकर अंदर गई… और कैमरा एंगल बदल गया।

फुटेज में कोई तीसरा साया भी था।

आर्यन की आँखें फैल गईं।

वह अकेली नहीं थी।

वीडियो रुक गया। स्क्रीन पर ज़ूम करके उस तीसरे साये को दिखाया गया। वह धुंधला था… लेकिन कद-काठी जानी-पहचानी थी।

आर्यन का गला सूख गया।
वह साया… उसके अपने फ्लैट की दिशा से आया था।

यह झूठ है… वह बुदबुदाया।

तभी स्क्रीन पर नया वीडियो खुला — सिया के कमरे के अंदर का फुटेज।

वह किसी से बहस कर रही थी। कैमरे में आवाज़ साफ नहीं थी, लेकिन एक लाइन सुनाई दी —तुम मुझे ऐसे छोड़कर नहीं जा सकते!

अगले ही पल दरवाज़ा ज़ोर से बंद हुआ।और साया गायब हो गया।

मोबाइल पर आखिरी मैसेज आया — तुम्हें याद नहीं… या तुम याद नहीं करना चाहते?

आर्यन का दिमाग जैसे फटने लगा।
दो साल पहले की रात उसकी यादों में टूटे-फूटे टुकड़ों में वापस आने लगी। सिया उसकी दोस्त थी… सिर्फ ऑनलाइन नहीं, असल ज़िंदगी में भी। वह उसे पसंद करती थी। लेकिन आर्यन किसी और के साथ रिलेशन में था।

उस रात सिया उससे मिलने आई थी। बहस हुई थी।
गुस्से में उसने उसे धक्का दिया था।

बस एक हल्का सा धक्का…
लेकिन सिया का संतुलन बिगड़ गया।

आर्यन पीछे हट गया था।
डर के मारे।

अगले दिन खबर आई — सुसाइड।

वह सच को दफनाकर जीता रहा।

मैं सामने ही हूँ, आखिरी नोटिफिकेशन चमका।

आर्यन ने काँपते हाथों से बालकनी की तरफ देखा।
सामने वाला फ्लैट अंधेरा था।

लेकिन कांच में उसकी अपनी परछाईं… मुस्कुरा रही थी।

अगली सुबह पुलिस ने आर्यन को उसके कमरे में पाया।
वह खाली दीवार से बात कर रहा था।

मोबाइल स्क्रीन पर गेमिंग ऐप खुला था।
यूज़रनेम लिखा था —

ShadowGirl_17 – Online

और इस बार…
आर्यन ऑफलाइन था।

 

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