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रात के करीब ढाई बजे थे।
शहर के बड़े प्राइवेट अस्पताल के डिलीवरी वार्ड में अचानक अफरा-तफरी मच गई।

एक एम्बुलेंस तेजी से अस्पताल के गेट पर आकर रुकी।
स्ट्रेचर पर एक गर्भवती महिला को अंदर लाया गया। उसका नाम नेहा था।

नेहा दर्द से कराह रही थी। उसके माथे पर पसीना था और आँखों में अजीब सा डर।

ड्यूटी पर मौजूद डॉ. आर्यन तुरंत उसे डिलीवरी रूम में ले गए।

नर्स जल्दी-जल्दी मशीनें तैयार करने लगी।

लेकिन जैसे ही डॉक्टर ऑपरेशन की तैयारी करने लगे,
नेहा ने अचानक उनका हाथ कसकर पकड़ लिया।

उसकी आँखों में आँसू भर आए।

डॉक्टर साहब… प्लीज़… मेरी एक बात मान लीजिए…

डॉक्टर ने हैरानी से उसकी ओर देखा।

अभी बात करने का समय नहीं है… आपकी हालत ठीक नहीं है।

लेकिन नेहा ने उनका हाथ और जोर से पकड़ लिया।

वह रोते हुए बोली—

डॉक्टर साहब… अगर कुछ हो जाए तो… मेरी फैमिली से कह दीजिए कि मैं और मेरे दोनों बच्चे डिलीवरी के समय ही मर गए…

डॉक्टर आर्यन के चेहरे पर हैरानी साफ दिख रही थी।

क्या मतलब? आप ऐसा क्यों कह रही हैं?

नेहा की साँसें तेज हो गईं।

उसने काँपती आवाज में कहा—

क्योंकि अगर उन्हें सच पता चल गया… तो वो इन बच्चों को जिंदा नहीं छोड़ेंगे…

डॉक्टर और भी उलझ गए।

कौन सा सच?

नेहा ने जवाब देने की कोशिश की…

लेकिन तभी अचानक उसे जोर का दर्द उठा।

नर्स चिल्लाई—

डॉक्टर! डिलीवरी शुरू हो गई है!

कमरे में हड़बड़ी मच गई।

कुछ ही मिनटों में दोनों बच्चों की रोने की आवाज पूरे कमरे में गूँजने लगी।

लेकिन जैसे ही नर्स ने बच्चों को उठाया…

उसका चेहरा अचानक डर से सफेद पड़ गया।

नर्स के हाथ काँप रहे थे।

वह कुछ पल तक बच्चों को देखती रह गई।

डॉ. आर्यन ने घबराकर पूछा—

क्या हुआ? बच्चे ठीक हैं ना?

नर्स ने धीरे-धीरे बच्चों को डॉक्टर की ओर बढ़ाया।

डॉक्टर ने जैसे ही बच्चों के चेहरे देखे…

उनकी आँखें भी हैरानी से फैल गईं।

दोनों बच्चे बिल्कुल स्वस्थ थे…

लेकिन उनके गले में एक जैसा काला निशान बना हुआ था।

जैसे किसी ने जन्म से पहले ही कोई निशान लगा दिया हो।

नर्स घबराकर बोली—

डॉक्टर… ये तो बहुत अजीब है…

डॉक्टर कुछ समझ नहीं पा रहे थे।

उन्होंने तुरंत बच्चों की जांच शुरू की।

तभी पीछे से नेहा की धीमी आवाज आई—

आपने… देख लिया ना?

डॉक्टर मुड़े।

नेहा कमजोर मुस्कान के साथ उन्हें देख रही थी।

यही वजह है… कि मैं चाहती थी मेरी फैमिली को लगे कि हम मर गए…

डॉक्टर ने गंभीर आवाज में पूछा—

इन निशानों का मतलब क्या है?

नेहा की आँखों से आँसू बहने लगे।

वह धीरे-धीरे बोली—

क्योंकि… ये निशान इस बात का सबूत हैं…

डॉक्टर ने पूछा

किस बात का?

नेहा की आवाज काँपने लगी।

कि ये बच्चे… उस आदमी के हैं… जिससे मेरी शादी नहीं हुई…

कमरे में खामोशी छा गई।

नर्स और डॉक्टर एक-दूसरे को देखने लगे।

लेकिन तभी अचानक डिलीवरी रूम का दरवाज़ा जोर से खुला।

बाहर खड़ा आदमी गुस्से से चिल्लाया—

डॉक्टर! मेरी पत्नी और मेरे बच्चे कहाँ हैं?

नेहा का चेहरा अचानक डर से पीला पड़ गया।

वह फुसफुसाई—

डॉक्टर… यही है मेरा पति
और अगर उसे सच पता चल गया… तो वो हमें मार डालेगा…

डॉक्टर कुछ समझ पाते…

उससे पहले वह आदमी तेजी से कमरे के अंदर आ गया।

और उसकी नजर सीधे बच्चों के गले के काले निशानों पर पड़ी…

डिलीवरी रूम का माहौल अचानक भारी हो गया।

नेहा का पति विक्रम गुस्से से भरी आँखों के साथ कमरे के अंदर आया।
उसकी नज़र सबसे पहले नेहा पर गई, फिर सीधे नर्स के हाथों में पड़े दोनों बच्चों पर टिक गई।

कुछ सेकंड तक वह चुप खड़ा रहा।

फिर धीरे-धीरे आगे बढ़ा।

“मेरे बच्चे हैं ये?”

उसकी आवाज़ धीमी थी, लेकिन उसमें एक अजीब सा डर और गुस्सा छिपा था।

डॉ. आर्यन कुछ बोल पाते उससे पहले ही विक्रम ने बच्चों को ध्यान से देखना शुरू कर दिया।

और तभी उसकी नजर उनके गले के काले निशान पर पड़ी।

उसके चेहरे का रंग बदल गया।

ये… ये निशान…!

उसने घबराकर पीछे कदम रखा।

नेहा ने तुरंत डॉक्टर का हाथ पकड़ लिया।

उसकी आवाज काँप रही थी।

डॉक्टर… मैंने कहा था ना… इन्हें सच मत बताइए…

डॉ. आर्यन अब पूरी तरह उलझ चुके थे।

उन्होंने सख्त आवाज में पूछा—

आखिर ये निशान क्या हैं? और तुम दोनों मुझसे क्या छिपा रहे हो?

विक्रम कुछ पल चुप रहा।

फिर उसने धीरे-धीरे नेहा की ओर देखा।

उसकी आँखों में अब गुस्सा नहीं… बल्कि डर था।

तुमने… फिर वही गलती कर दी नेहा…

नेहा की आँखों से आँसू बहने लगे।

मेरे पास कोई और रास्ता नहीं था…

नर्स घबराकर सब कुछ देख रही थी।

डॉक्टर ने फिर पूछा—

कोई मुझे बताएगा कि आखिर हो क्या रहा है?

विक्रम ने गहरी साँस ली।

फिर धीमी आवाज में बोला—

डॉक्टर… ये निशान सिर्फ एक ही चीज का सबूत हैं…

“किस चीज का?”

विक्रम ने काँपते हुए बच्चों की ओर इशारा किया।

कि ये बच्चे… इंसान के नहीं हैं…

कमरे में एक पल के लिए सन्नाटा छा गया।

लेकिन तभी अचानक दोनों बच्चे एक साथ जोर से रोने लगे।

और उनकी रोने की आवाज सुनकर…

नेहा का चेहरा डर से बिल्कुल सफेद पड़ गया।

डिलीवरी रूम में दोनों बच्चों की रोने की आवाज गूँज रही थी।

लेकिन वह रोना सामान्य नहीं था।

उनकी आवाज़ में एक अजीब सी भारी गूंज थी, जैसे दो नवजात बच्चे नहीं… बल्कि कोई और ही आवाज हो।

नर्स डरकर एक कदम पीछे हट गई।

“डॉक्टर… ये आवाज… कुछ अजीब नहीं लग रही?”

डॉ. आर्यन ने बच्चों की तरफ ध्यान से देखा।

लेकिन उसी समय अचानक डिलीवरी रूम की लाइट हल्की-हल्की झिलमिलाने लगी।

नेहा ने तुरंत आँखें बंद कर लीं।

वह धीरे-धीरे बुदबुदाने लगी—

नहीं… नहीं… अभी नहीं…

डॉक्टर चौंक गए।

अभी क्या?

नेहा की आवाज काँप रही थी।

डॉक्टर… अगर ये दोनों बच्चे आधी रात के बाद रोने लगते हैं… तो इसका मतलब है…

डॉक्टर ने पूछा—

मतलब क्या?

नेहा ने धीरे-धीरे आँखें खोलीं।

उसकी आँखों में अब सिर्फ डर था।

मतलब… वो आ चुका है…

कमरे में खामोशी छा गई।

विक्रम अचानक बेचैन हो गया।

उसने घबराकर कमरे का दरवाज़ा बंद कर दिया।

हमें यहाँ से तुरंत निकलना होगा…

डॉक्टर अब गुस्से में थे।

बस बहुत हुआ! आखिर कौन आने वाला है?

विक्रम ने धीमी आवाज में कहा—

जिस आदमी के ये बच्चे हैं…

डॉक्टर चौंक गए।

लेकिन तुमने तो कहा था कि वो इंसान नहीं है!

विक्रम ने डॉक्टर की आँखों में देखते हुए कहा—

हाँ… क्योंकि वो इंसान नहीं है…

तभी अचानक अस्पताल के कॉरिडोर से भारी कदमों की आवाज सुनाई देने लगी।

ठक… ठक… ठक…

हर कदम के साथ वह आवाज डिलीवरी रूम के करीब आती जा रही थी।

नर्स डर के मारे बच्चों को और कसकर पकड़ चुकी थी।

नेहा धीरे-धीरे फुसफुसाई—

डॉक्टर… अगर वो अंदर आ गया
तो आज इस कमरे में कोई भी जिंदा नहीं बचेगा…

और अगले ही पल…

डिलीवरी रूम के दरवाज़े का हैंडल धीरे-धीरे अपने आप घूमने लगा।

डिलीवरी रूम का दरवाज़ा धीरे-धीरे खुलने लगा।

ठक… ठक…

कॉरिडोर में गूंजते कदम अब बिल्कुल पास आ चुके थे।

नर्स के हाथ कांप रहे थे।
उसने डरते हुए बच्चों को और कसकर पकड़ लिया।

डॉ. आर्यन का दिल तेजी से धड़क रहा था।

“ये सब क्या बकवास है?” उन्होंने गुस्से में कहा।

लेकिन तभी दरवाज़ा पूरी तरह खुल गया।

बाहर खड़ा आदमी लंबा और काले कपड़ों में था।
उसका चेहरा आधे अंधेरे में छिपा हुआ था।

उसकी नजर सीधे बच्चों पर जाकर रुकी।

और फिर… वह हल्का सा मुस्कुराया।

नेहा का चेहरा डर से बिल्कुल सफेद पड़ गया।

“नहीं… ये यहाँ कैसे आ गया…”

विक्रम गुस्से से चिल्लाया—

“तू यहाँ क्या करने आया है?”

आदमी धीरे-धीरे कमरे के अंदर आया।

उसकी आवाज़ बहुत ठंडी थी।

“अपने बच्चों को लेने…”

डॉ. आर्यन हैरान रह गए।

“ये क्या बकवास है? ये बच्चे इनके पति के हैं!”

वह आदमी हल्का सा हंसा।

“काश ऐसा ही होता डॉक्टर…”

फिर उसने धीरे-धीरे अपना चेहरा रोशनी में लाया।

उसकी आँखें अजीब तरह से चमक रही थीं।

विक्रम ने दांत भींचते हुए कहा—

“मैंने तुझे कहा था… नेहा से दूर रहना!”

नेहा रोते हुए बोली—

“मैं मजबूर थी…”

आदमी ने बच्चों की ओर हाथ बढ़ाया।

जैसे ही वह करीब आया…

दोनों बच्चों के गले के काले निशान चमकने लगे।

नर्स डर के मारे चीख पड़ी।

और तभी…

दोनों बच्चों ने अचानक रोना बंद कर दिया।

कमरे में भयानक खामोशी छा गई।

और फिर…

दोनों बच्चों ने एक साथ अपनी आँखें खोलीं।

उनकी आँखें पूरी तरह काली थीं।

डिलीवरी रूम में खामोशी फैल गई।

डॉ. आर्यन की समझ से सब कुछ बाहर हो चुका था।

उन्होंने डरते हुए पूछा—

ये… ये आखिर हो क्या रहा है?

वह रहस्यमयी आदमी बच्चों के पास आकर रुक गया।

उसने धीरे से कहा—

डरिए मत डॉक्टर… ये किसी को नुकसान नहीं पहुंचाएंगे…

विक्रम गुस्से से चिल्लाया—

झूठ! तूने मेरी जिंदगी बर्बाद कर दी!

नेहा रोते हुए बोली—

मैंने तुमसे सच छुपाया… क्योंकि मुझे डर था…

आदमी ने शांत आवाज में कहा—

डरने की जरूरत नहीं थी नेहा…
ये बच्चे दुनिया के लिए खतरा नहीं हैं…

डॉक्टर ने घबराकर पूछा—

तो फिर ये निशान और काली आँखें…?

आदमी ने बच्चों को अपनी बाहों में उठा लिया।

जैसे ही उसने उन्हें छुआ…

गले के काले निशान धीरे-धीरे गायब होने लगे।

कमरे की लाइट अचानक तेज हो गई।

और बच्चों की आँखें भी धीरे-धीरे सामान्य हो गईं।

नर्स हैरानी से सब देख रही थी।

वह आदमी डॉक्टर की तरफ मुड़ा।

डॉक्टर… कुछ बच्चे ऐसे होते हैं जो दो दुनियाओं के बीच जन्म लेते हैं…

डॉक्टर ने पूछा—

“दो दुनियाओं के बीच?”

आदमी मुस्कुराया।

हाँ… इंसानों की दुनिया… और हमारी दुनिया।

इतना कहकर वह आदमी बच्चों को लेकर दरवाज़े की ओर बढ़ गया।

नेहा रोते हुए उसे देखती रही।

दरवाज़े से बाहर जाते हुए उसने आखिरी बार मुड़कर कहा—

चिंता मत करो… ये सुरक्षित रहेंगे।

और अगले ही पल…

वह आदमी अचानक गायब हो गया।

उस रात के बाद डॉक्टर आर्यन ने कभी उस घटना का जिक्र नहीं किया।

लेकिन आज भी अस्पताल के पुराने स्टाफ कहते हैं—

कभी-कभी आधी रात को डिलीवरी वार्ड में
दो बच्चों की हंसी सुनाई देती है…

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