जिस दिन उसने ‘I Love You’ कहा, उसी दिन मैं ग़ायब हो गया

उस दिन सब कुछ बिल्कुल सामान्य था, इतना सामान्य कि मुझे याद भी नहीं रहता अगर वही दिन मेरी ज़िंदगी का आख़िरी साधारण दिन न बन गया होता। शहर अपनी रोज़मर्रा की आवाज़ों में डूबा हुआ था, लोग अपने-अपने कामों में उलझे थे, और मैं भी उन्हीं में से एक था—ज़िंदा, मौजूद, पहचान वाला। लेकिन … Read more

मोहब्बत थी… या सज़ा?

उससे पहली मुलाक़ात बिल्कुल फ़िल्मी नहीं थी। ना बारिश थी, ना स्लो मोशन। बस एक जेल की दीवार थी… और मैं, जो वहाँ एक crime story cover करने गया था। वो सलाखों के उस पार खड़ी थी। आँखों में डर नहीं, बल्कि ऐसा सुकून जैसे उसने सब पहले से स्वीकार कर लिया हो। उसने मुझसे … Read more

मेरी प्रेमिका की परछाईं मुझे धोखा दे रही थी

राज अपनी प्रेमिका रिया के साथ रहता था, दिन में उसे देखकर राज को लगता था कि उसकी दुनिया पूरी हो गई। सपनो जैसी प्रेमिका, उसकी मुस्कान में मिठास और आँखों में कुछ अनकहा था। लेकिन रात होते ही सब बदल जाता था। रवि को सपने आने लगे—जहाँ रिया की परछाईं किसी और की बाहों … Read more

वो जो मेरी मोहब्बत थी… और मेरी क़ातिल भी

उसकी हँसी में कुछ ऐसा था जो सीधे दिल पर वार करता था। ना ज़्यादा तेज़, ना ज़्यादा मीठी—बस इतनी कि सुनते ही लगे, यही है। मैं उसे पहली बार बारिश की एक शाम में मिला था। वो सड़क किनारे खड़ी, भीगी हुई, उसके काले बाल चेहरे से चिपके हुए… और आँखों में अजीब सी … Read more