आख़री पैसेंजर
रात के साढ़े ग्यारह बजे थे। शहर की आख़िरी लोकल बस लगभग खाली हो चुकी थी। बारिश की हल्की बूंदें…
रात के साढ़े ग्यारह बजे थे। शहर की आख़िरी लोकल बस लगभग खाली हो चुकी थी। बारिश की हल्की बूंदें…
रात के 10 बजे थे। बारिश की हल्की बूंदे शहर की सूनी गलियो पर टपक रही थी। आरव एक पुराने…
शाम का धुंधलका उतर रहा था जब समर ने टैक्सी से सामान नीचे उतारा। सामने लोहे का पुराना गेट था,…
बारिश की हल्की बूंदें खिड़की के शीशों पर रेंग रही थीं जब देव ने नए घर का दरवाज़ा पहली बार…
पापा… ब्रेक लगाओ… तेज़ बारिश शीशे पर हथेलियों की तरह पड़ रही थी। वाइपर पागलों की तरह चल रहे थे,…
मीरा की शादी की सुबह थी। घर में शहनाई की मधुर आवाज़ गूंज रही थी, आंगन में हल्दी और मेहंदी…
दस साल पहले की उस बरसाती रात के बाद आरव कभी वापस नहीं लौटा था। सोलह साल का लड़का अचानक…