शहर के बीचों-बीच एक पुराना घर था जिसे लोग सक्सेना हाउस के नाम से जानते थे। लेकिन पिछले 20 सालों से उस घर का दरवाज़ा कभी नहीं खुला था।
पड़ोस के लोग कहते थे कि एक रात उस घर में रहने वाला पूरा परिवार अचानक गायब हो गया था।
न कोई सामान ले गया…
न कोई आवाज़ आई…
बस एक रात के बाद से घर हमेशा के लिए खाली हो गया। धीरे-धीरे उस घर के बारे में अजीब-अजीब कहानियाँ फैलने लगीं।कोई कहता वहाँ भूत दिखते हैं,तो कोई कहता रात में अंदर से आवाज़ें आती हैं।
इसी शहर में रहता था आर्यन, जो एक यूट्यूबर था। उसका चैनल रहस्यमयी जगहों की कहानियों के लिए काफी मशहूर था। एक दिन उसे उस बंद घर के बारे में पता चला। आर्यन को लगा यह उसके चैनल के लिए परफेक्ट कंटेंट हो सकता है।
उस रात वह कैमरा, टॉर्च और माइक्रोफोन लेकर उस घर के सामने पहुंच गया। घर को देखकर ही डर लग रहा था। दीवारों की पपड़ी उतर चुकी थी, खिड़कियाँ धूल और जालों से भरी हुई थीं। लेकिन सबसे अजीब बात यह थी कि…
मुख्य दरवाज़ा हल्का सा खुला हुआ था। आर्यन कुछ सेकंड तक वहीं खड़ा रहा।
20 साल से बंद घर… और दरवाज़ा खुला है?
उसने धीरे से कहा।
उसने कैमरा ऑन किया और दरवाज़ा धक्का देकर अंदर चला गया। अंदर पूरा घर धूल से भरा हुआ था।
लेकिन जैसे ही उसकी टॉर्च टेबल पर पड़ी…
वह अचानक रुक गया। टेबल पर एक प्लेट रखी थी…
और उस प्लेट में रखा खाना अभी भी सड़ा हुआ नहीं था। आर्यन की सांस अटक गई। क्योंकि ऐसा लग रहा था कि…
यह खाना किसी ने अभी-अभी छोड़ा हो। और तभी…
ऊपर वाले कमरे से किसी के कदमों की आवाज़ आई। ऊपर से आई कदमों की आवाज़ सुनकर आर्यन का दिल जोर-जोर से धड़कने लगा।
घर में कोई था… या शायद कोई जानवर।
लेकिन आवाज़ बिल्कुल इंसानी कदमों जैसी लग रही थी। आर्यन ने धीरे से कैमरा ऊपर की ओर घुमाया और सीढ़ियों की तरफ बढ़ने लगा।
हर कदम पर लकड़ी की सीढ़ियाँ चरमराने लगीं। ऊपर पहुँचते ही एक लंबा सा गलियारा दिखाई दिया। दोनों तरफ पुराने कमरे थे जिनके दरवाज़े आधे खुले थे।
आर्यन ने टॉर्च जलाकर पहला कमरा देखा। कमरे में सब कुछ धूल से भरा था। पुराना बिस्तर, टूटी कुर्सी, और दीवार पर एक परिवार की तस्वीर। आर्यन ने तस्वीर उठाई। उसमें चार लोग थे—
एक आदमी, एक महिला और दो बच्चे। पीछे लिखा था —
सक्सेना फैमिली, 2006
यानी वही साल… जब यह परिवार गायब हुआ था। आर्यन अभी तस्वीर देख ही रहा था कि अचानक…
उसके पीछे वाला दरवाज़ा धीरे-धीरे अपने आप बंद हो गया। आर्यन घबराकर पलटा। कमरे में अब सिर्फ वह था। यह हवा होगी…
उसने खुद को समझाया लेकिन तभी उसे एक और अजीब चीज दिखाई दी। कमरे के कोने में एक पुराना टीवी रखा था।
और वह अपने आप चालू हो गया। स्क्रीन पर सिर्फ सफेद शोर दिखाई दे रहा था। लेकिन कुछ सेकंड बाद स्क्रीन पर एक तस्वीर उभरी।
वह तस्वीर देखकर आर्यन का चेहरा सफेद पड़ गया। क्योंकि टीवी स्क्रीन पर वही परिवार खड़ा था…
लेकिन इस बार तस्वीर में एक पाँचवां आदमी भी खड़ा था। और वह आदमी…
ठीक आर्यन के पीछे खड़ा था। टीवी स्क्रीन पर दिखी उस तस्वीर को देखकर आर्यन के हाथ काँपने लगे। तस्वीर में वही सक्सेना परिवार खड़ा था, लेकिन इस बार उनके पीछे एक पाँचवाँ आदमी भी दिखाई दे रहा था। उसकी शक्ल धुंधली थी, जैसे जानबूझकर छुपाई गई हो। आर्यन धीरे-धीरे पलटा और अपने पीछे देखने लगा। कमरे में कोई नहीं था, लेकिन उसे साफ महसूस हो रहा था कि जैसे अभी-अभी कोई वहाँ खड़ा था। उसका दिल इतनी तेजी से धड़क रहा था कि उसे अपने कानों में उसकी आवाज़ सुनाई दे रही थी।
आर्यन ने खुद को संभालने की कोशिश की और फिर से टीवी की तरफ देखा। लेकिन अब स्क्रीन पर कुछ और चल रहा था। पुरानी सी ब्लैक एंड व्हाइट फुटेज दिख रही थी, जैसे किसी पुराने कैमरे से रिकॉर्ड की गई हो। उसमें वही घर दिखाई दे रहा था, लेकिन घर बिल्कुल नया और साफ था। कुछ लोग सूट पहनकर अंदर-बाहर आ रहे थे। वे सामान्य परिवार के लोग नहीं लग रहे थे। वे बार-बार बैग बदल रहे थे और कागज़ों पर कुछ साइन कर रहे थे।
आर्यन ध्यान से देखने लगा। तभी फुटेज में अचानक वही आदमी दिखाई दिया जिसकी शक्ल तस्वीर में धुंधली थी। वह बाकी सब लोगों को निर्देश दे रहा था, जैसे वही इस सबका बॉस हो। उसी समय टीवी की आवाज़ अचानक तेज हो गई। स्क्रीन पर कुछ सेकंड के लिए एक नक्शा दिखा… और उस नक्शे पर कई शहरों के नाम लिखे थे।
आर्यन को धीरे-धीरे समझ आने लगा कि यह घर शायद सिर्फ एक घर नहीं था। यह किसी बड़े अपराधी गिरोह का अड्डा था।
तभी अचानक टीवी बंद हो गया और पूरा कमरा अंधेरे में डूब गया।
उसी पल आर्यन को पीछे से किसी की बहुत धीमी आवाज़ सुनाई दी—
तुम्हें यहाँ नहीं आना चाहिए था…
आर्यन तेजी से पलटा…
लेकिन इस बार उसे साफ दिखा कि
गलियारे के अंधेरे में कोई खड़ा उसे देख रहा था।
गलियारे के अंधेरे में खड़ी उस परछाईं को देखकर आर्यन कुछ सेकंड के लिए बिल्कुल जम गया। टॉर्च की रोशनी जैसे ही उस तरफ पड़ी, वह आकृति अचानक गायब हो गई। गलियारा फिर से खाली था। आर्यन ने घबराकर चारों तरफ देखा, लेकिन कहीं कोई नहीं था। उसका मन कह रहा था कि अब तुरंत घर से बाहर निकल जाना चाहिए। लेकिन उसके अंदर का जिज्ञासु यूट्यूबर अभी भी सच्चाई जानना चाहता था।
वह धीरे-धीरे सीढ़ियों से नीचे उतरने लगा। नीचे आते ही उसकी नजर ड्रॉइंग रूम की फर्श पर पड़ी। वहाँ धूल के बीच किसी के ताज़ा पैरों के निशान दिखाई दे रहे थे। यानी कुछ देर पहले सच में कोई इस घर में मौजूद था। उन निशानों को देखते-देखते वह रसोई तक पहुँच गया। रसोई के कोने में फर्श का एक हिस्सा थोड़ा उठा हुआ था। जब उसने उसे ध्यान से देखा तो समझ आया कि वह दरअसल एक छुपा हुआ दरवाज़ा था।
आर्यन ने टॉर्च नीचे की तरफ डाली। लकड़ी का ढक्कन हटाते ही नीचे जाने वाली लोहे की सीढ़ियाँ दिखाई दीं। यह शायद घर का बेसमेंट था। हवा नीचे से ठंडी और भारी लग रही थी, जैसे वहाँ बहुत सालों से कोई राज़ बंद हो।
आर्यन ने हिम्मत जुटाई और नीचे उतरने लगा। हर कदम के साथ अंधेरा और गहरा होता जा रहा था। नीचे पहुँचते ही उसने टॉर्च घुमाई और जो देखा उसे देखकर उसका दिल जैसे रुक गया।
बेसमेंट में एक पुरानी टेबल रखी थी और उसके ऊपर पाँच पासपोर्ट पड़े थे।
लेकिन सबसे डरावनी बात यह थी कि उन पासपोर्ट में से एक पर लगी तस्वीर…
बिल्कुल आर्यन जैसी दिख रही थी।
और तभी पीछे से किसी ने धीरे से कहा—
आख़िर तुम यहाँ पहुँच ही गए…
आर्यन के कानों में जैसे ही वह आवाज़ पड़ी, उसका पूरा शरीर सिहर गया। उसने धीरे-धीरे पीछे मुड़कर देखा। बेसमेंट की सीढ़ियों के पास एक आदमी खड़ा था। उसकी उम्र करीब पचास साल होगी, चेहरे पर हल्की दाढ़ी और आँखों में अजीब सी ठंडक थी। वह मुस्कुरा रहा था, जैसे आर्यन का यहाँ आना उसे पहले से पता हो।
आर्यन ने हिम्मत करके पूछा, तुम… कौन हो?
आदमी धीरे-धीरे आगे बढ़ा और टेबल पर रखे पासपोर्ट की तरफ इशारा करते हुए बोला, “तुम जिस राज़ की तलाश में यहाँ आए हो… वह यहीं छुपा है।”
आर्यन ने फिर से पासपोर्ट उठाए। हर पासपोर्ट में अलग-अलग नाम थे, अलग-अलग देशों की मुहरें थीं। लेकिन उन सबकी तस्वीरें एक ही परिवार से मिलती-जुलती थीं—सक्सेना परिवार। अब धीरे-धीरे सच्चाई सामने आ रही थी। वह परिवार जो 20 साल पहले अचानक गायब हुआ था, असल में गायब नहीं हुआ था। उन्होंने अपनी पहचान बदल ली थी और अलग-अलग देशों में फैल गए थे।
आर्यन का दिमाग तेजी से चलने लगा। मतलब… वे लोग अपराधी थे?
आदमी हल्का सा हंसा। सिर्फ अपराधी नहीं… शहर के सबसे बड़े फर्जीवाड़े के मास्टरमाइंड।
आर्यन का गला सूख गया। उसने फिर पूछा, लेकिन… मेरा चेहरा इन पासपोर्ट में क्यों है?
आदमी की मुस्कान अचानक गहरी हो गई।
क्योंकि… यह सब शुरू से तुम्हारे लिए ही तैयार किया गया था।
आर्यन कुछ समझ पाता उससे पहले ही बेसमेंट की लाइट अचानक जल उठी।
और रोशनी में उसे दिखा कि कमरे के कोनों में कई कैमरे लगे हुए थे।
यानी कोई बहुत समय से उसे देख रहा था।
बेसमेंट की तेज रोशनी में सब कुछ साफ दिखाई देने लगा। कैमरे, पुराने कंप्यूटर, नक्शे और कागज़ों के ढेर। यह जगह किसी साधारण घर का बेसमेंट नहीं लग रही थी, बल्कि एक गुप्त ऑपरेशन रूम जैसी थी। आर्यन की सांसें तेज हो चुकी थीं। उसने उस आदमी की तरफ देखा और पूछा, यह सब क्या है?
आदमी कुछ पल तक उसे देखता रहा, फिर धीरे से बोला, यह घर कभी अपराधियों का अड्डा था… लेकिन पिछले 20 सालों से यह एक जाल है।
आर्यन कुछ समझ नहीं पाया। तभी उस आदमी ने टेबल से एक फाइल उठाई और आर्यन के सामने रख दी। फाइल के ऊपर उसका नाम लिखा था—आर्यन मेहरा।
आर्यन के हाथ कांपने लगे। उसने फाइल खोली। अंदर उसकी बचपन से लेकर अब तक की तस्वीरें थीं। स्कूल, कॉलेज, यूट्यूब चैनल—सब कुछ।
आदमी ने गहरी आवाज़ में कहा, तुम्हें यहाँ इसलिए लाया गया क्योंकि तुम ही वह इंसान हो जो इस केस को खत्म कर सकता है।
आर्यन हैरान था। मैं? लेकिन कैसे?
आदमी बोला, क्योंकि सक्सेना परिवार अभी भी जिंदा है… और वे जल्द ही इस घर में वापस आने वाले हैं। हमें किसी ऐसे इंसान की जरूरत थी जो बिना शक के यहाँ आए। एक यूट्यूबर… जो रहस्यमयी जगहों की तलाश करता है… सबसे सही चारा था।
अब आर्यन को समझ आया कि वह अनजाने में एक खतरनाक ऑपरेशन का हिस्सा बन चुका था।
उसी समय ऊपर से दरवाज़ा खुलने की आवाज़ आई।
आदमी ने धीरे से कहा—
वे लोग आ गए…
और उस पल आर्यन को एहसास हुआ कि
आज रात इस घर में सिर्फ एक रहस्य नहीं खुलेगा…
बल्कि 20 साल पुराना अपराध खत्म होने वाला है।

