उसने कभी फोटो नहीं खिंचवाई

अर्जुन और नैना की शादी को पूरे छह महीने हो चुके थे। अर्जुन और नैना की शादी बड़ी धूमधाम से हुई थी जैसे हर कपल की चाहत होती है ठीक वैसे ही। सब कहते थे— ये परफेक्ट कपल हैं।

शादी को कुछ समय ही बीता था कि एक शाम अर्जुन ने हंसते हुए कहा, चलो यार, शादी की एल्बम देख लेते हैं… कितनी यादें होंगी उन तस्वीरों में ।

नैना को जैसे झटका लगा, और वो कुछ पल के लिए चुप हो गई, फिर हल्का-सा मुस्कुरा दी। देख लो… उसने धीमे से कहा।

अर्जुन ने दराज़ से एल्बम निकाली।
पहला पन्ना— बारात।
दूसरा पन्ना— स्टेज।
तीसरा पन्ना— वरमाला।

सब लोग थे… रिश्तेदार, दोस्त, माँ-पापा…
लेकिन जहाँ नैना खड़ी होनी चाहिए थी,
वहाँ हर तस्वीर में खाली जगह थी।

अर्जुन की हँसी रुक गई। उसने सोचा शायद प्रिंटिंग में गलती हो गई।वो जल्दी से फोन निकालकर शादी की फोटो गैलरी खोलने लगा।गैलरी में भी वही हाल— हर फोटो में वो अकेला खड़ा था।उसने घबराकर नैना की तरफ देखा। और कहा ये क्या मज़ाक है?

नैना उसकी आँखों में देखते हुए बोली मैंने तो कभी फोटो खिंचवाई ही नहीं थी…

अर्जुन के हाथ से फोन गिर गया और उसी पल उसे महसूस हुआ घर में ठंड अचानक बढ़ गई है। और अर्जुन का दिमाग घूमने लगा।

पूरी रात अर्जुन सो नहीं पाया। नैना उसके पास ही लेटी थी… सांस ले रही थी… बिल्कुल सामान्य।
फिर भी उसके मन में बेचैनी थी और एक ही सवाल घूम रहा था— अगर वो फोटो में नहीं है, तो फिर है कौन? और हो भी क्यो ना एक-दों तस्वीरो में एसा होता तो समझ भी आता, यहां तो पूरी एल्बम में ही एसा था।

सुबह होते ही अर्जुन सीधे उस फोटोग्राफर के स्टूडियो पहुँच गया। भाई, शादी का पूरा डेटा दिखाओ… कच्चा वाला। फोटोग्राफर ने सिस्टम खोला। वीडियो चलाया। बारात आई… अर्जुन घोड़ी से उतरा… मंडप बहुत खूबसूरत सजा हुआ था…

लेकिन जब जयमाला का समय आया—अर्जुन ने हवा में वरमाला उठाई… और सामने कुर्सी खाली थी।

ये एडिट किया है तुमने? ये पूछते समय अर्जुन की आवाज काँप रही थी।

फोटोग्राफर भी घबराया हुआ था। सर… उस दिन आप अकेले ही थे। दुल्हन तो आई ही नहीं थी।

अर्जुन के पैरों तले जमीन खिसक गई। वो भागते हुए घर पहुँचा। दरवाज़ा खुला था। घर वैसा ही… सब सामान्य।

बेडरूम में नैना खिड़की के पास खड़ी थी। उसकी पीठ अर्जुन की तरफ थी। नैना…

वो धीरे-धीरे पलटी।उसके चेहरे पर मुस्कान थी…

लेकिन आईने में— अर्जुन अकेला खड़ा था।

आईने वाली घटना के बाद अर्जुन का डर बढ़ता गया। नैना घर में थी, उससे बात कर रही थी, खाना बना रही थी… लेकिन आईने, फोटो और मोबाइल कैमरे में वो कहीं भी नहीं दिखती थी। उस रात अर्जुन को एक अजीब सपना आया। वो अपने कॉलेज के दिनों में था। बारिश हो रही थी और उसके सामने रिया खड़ी थी — उसकी जिंदगी की पहली खूबसूरत मोहब्बत। वही रिया जिसकी मौत पहाड़ी सड़क पर हुए कार एक्सीडेंट में हुई थी। अर्जुन हड़बड़ाकर उठा। दिल तेज़ धड़क रहा था। उसने पुराना लैपटॉप निकाला और कॉलेज की तस्वीरें खोलने लगा। एक फोटो में रिया मुस्कुरा रही थी… और उस चेहरे में उसे नैना का चेहरा दिखने लगा। वही आँखें, वही मुस्कान। तभी पीछे से नैना की आवाज आई, तुम्हें आखिर याद आ ही गया… अर्जुन ने मुड़कर देखा। इस बार नैना की मुस्कान में अपनापन नहीं, आरोप था। और उसने वोला, मैं गई नहीं थी, अर्जुन… मुझे धक्का दिया गया था। कमरे की लाइट झपकने लगी। अर्जुन की यादों में वो आखिरी झगड़ा लौट आया — रिया रो रही थी, और वो गुस्से में गाड़ी बहुत तेज चला रहा था।

अर्जुन अब समझ चुका था कि ये सिर्फ वहम नहीं है। रिया की मौत एक हादसा नहीं, उसकी अधूरी नीयत का नतीजा थी। उस दिन पहाड़ी रास्ते पर दोनों के बीच बहस बढ़ गई थी। रिया ने कहा था, अगर तुम मुझे छोड़ोगे तो मैं मर जाऊँगी। अर्जुन चुप रहा, लेकिन मन ही मन वो इस रिश्ते से निकलना चाहता था। बारिश उस दिन कुछ ज्यादा ही तेज थी, सड़क फिसलन भरी थी। जब कार फिसली, उसके पास ब्रेक दबाने का वक्त था… पर एक पल के लिए उसने हाथ रोक लिया। बस एक पल। वही पल रिया की मौत बन गया। मैंने जानबूझकर नहीं किया, अर्जुन बुदबुदाया। नैना उसके सामने खड़ी थी, लेकिन अब उसकी आँखें गहरी और काली थीं। इरादा आधा भी हो, तो गुनाह पूरा होता है, उसने ठंडे स्वर में कहा। दीवार पर टंगी शादी की एल्बम अपने आप खुल गई। इस बार हर तस्वीर में दुल्हन साफ दिखाई दे रही थी — लेकिन दूल्हे का चेहरा धुंधला था। अर्जुन ने पास जाकर देखा। धुंध धीरे-धीरे हट रही थी… और वहाँ उसका चेहरा नहीं, एक सफेद, बेजान साया बन रहा था।

कमरे की हवा अचानक भारी हो गई। अर्जुन पीछे हटना चाहता था, लेकिन उसके पैर जैसे ज़मीन में धँस गए थे। सामने नैना खड़ी थी… या शायद रिया। उसका चेहरा अब साफ था — दर्द, गुस्सा और एक अजीब शांति के साथ।

अब तक उसने रिया का प्यार देखा था पर अब वो नैना का गुस्सा और दला देख रहा था।

तुम सच से भागते रहे, अर्जुन, उसने धीमे स्वर में कहा, लेकिन यादें कभी नहीं मरतीं।

उस कमरे में सब कुछ अजीब होने लगा और अर्जुन की हालत बत से बत्तर हो गई। शादी की एल्बम हवा में खुलकर पन्ने पलटने लगी। हर तस्वीर बदल चुकी थी। अब हर फोटो में दुल्हन जो मौजूद थी — लाल जोड़े में, मुस्कुराती हुई। लेकिन दूल्हे का चेहरा धुंधला था, जैसे वो इस दुनिया का नहीं रहा।

अर्जुन ने चीखते हुए आँखें बंद कर लीं। उसे महसूस हुआ जैसे कोई अदृश्य ताकत उसे पीछे खींच रही हो। उसकी साँसें भारी हो गईं।“मुझे माफ कर दो… वो टूटती आवाज में बोला और गिड़गिड़ाने लगा।

नैना उसके बिल्कुल पास आ गई। माफी ज़िंदा लोगों को मिलती है, उसने गुस्से में फुसफुसाया।

अगली सुबह पड़ोसियों ने दरवाज़ा तोड़ा। घर खाली था। कोई अर्जुन नहीं, कोई नैना नहीं।

सिर्फ टेबल पर एक शादी की एल्बम रखी थी।

आख़िरी तस्वीर में दुल्हन के साथ दूल्हा साफ दिखाई दे रहा था —
लेकिन उसकी आँखों में जीवन नहीं था।

नीचे लिखा था:
अब तुम कभी फ्रेम से बाहर नहीं जाओगे। इसका मत्लब साफ था कि नैना के अर्जुन को उस फ्रेम में कैद कर लिया था।

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