प्लेटफ़ॉर्म नंबर 4 पर कोई इंतज़ार करता है
रेलवे स्टेशन सुबह-सुबह किसी ज़िंदा शहर जैसा होता है— घड़ियों की टिक-टिक, चाय की केतली, ट्रेन की सीटी, और भागते…
रेलवे स्टेशन सुबह-सुबह किसी ज़िंदा शहर जैसा होता है— घड़ियों की टिक-टिक, चाय की केतली, ट्रेन की सीटी, और भागते…
हर जुर्म खून से नहीं होता। कुछ जुर्म ऐसे होते हैं, जो सालों तक सांस लेते रहते हैं— दीवारों के…
सुबह की बस में कुछ लोग रोज़ चढ़ते हैं, कुछ रोज़ उतरते हैं — और इसी उतार चडाव में कुछ…
कुछ जगहें मरी हुई नहीं होतीं… बस इंतज़ार करती हैं — किसी के लौट आने का। वह कॉल जो नहीं…
कहानी क्यों लिखी गई? हर क़त्ल में खून ज़रूरी नहीं होता। हर अपराध में हथियार ज़रूरी नहीं होता। कुछ अपराध…
मुझे लगता था कि राघव मुझे सबसे ज्यादा चाहता है, कि उसकी दुनिया में मैं उसकी ज़िंदगी की सबसे अहम…